AIDS Full Form in Hindi – एड्स की फुल फॉर्म क्या है?

AIDS Full Form in Hindi – एड्स की फुल फॉर्म क्या है?

AIDS: Acquired Immune Deficiency Syndrome(अक्वायर्ड इम्यून डेफिशियेंसी सिंड्रोम)

AIDS related questions: AIDS Full Form in Hindi, AIDS Full Form, एड्स फुल फॉर्म, क्या आपको पता है AIDS की full form क्या है, और AIDS का क्या मतलब होता है, क्या आपको पता है AIDS के होने के कारण, लक्षण और उपचार क्या है.

अगर आपको इन सभी प्रश्नों answer नहीं पता है तो आपको घबराने  की कोई जरुरत नहीं है क्यूंकि आज हम इस post में आपको AIDS की पूरी जानकारी हिंदी भाषा में देने जा रहे है तो फ्रेंड्स AIDS Full Form in Hindi में और AIDS की पूरी  jaankari जानने के लिए इस post को लास्ट तक पढ़े।

Only एच.आई.वी. पाजी़टिव होने का मतलब है, एड्स वायरस आपके शरीर में प्रवेश कर गया है, इसका अर्थ यहं नहीं है कि आपको एड्स है. इसका मतलब ये होता है की एच.आई.वी. पाजीटिव होने के 6 महीने से 10 साल के बीच में कभी भी एड्स हो सकता है.

एक स्वस्थ व्यक्ति अगर एच.आई.वी. पाजीटिव के संपर्क में आता है, तो वह भी संक्रमित हो सकता है.इसके बचाव के बहुत से उपाय हैं जिनका वर्णन हमने इस पोस्ट में आगे किया हैं. हम जानते हैं की एड्स वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है यानी कि यह एक महामारी है. किन्तु इसको नजरंदाज़ करना भी उचित नही होता हैं, क्योकि ईएसआई ही बीमारी आपकी मौत काक कारण भी बन सकती हैं.

पर आप यहाँ पर घबराइए मत हम आपको aids kya hainइससे बचने के उपाय इसके लक्षण क्या है ये सभी इस article में आगे बतायेंगे. आइए फिर शुरू करते हैं-AIDS-FULL-FORM-IN-HINDI

AIDS की फुल फॉर्म

AIDS की फुल फॉर्म “Acquired Immune Deficiency Syndrome” होती है, AIDS को हिंदी भाषा में “अक्वायर्ड इम्यून डेफिशियेंसी सिंड्रोम” कहा जाता है. HIV एक virus का नाम है, जिसके कारण ही world की सबसे घातक बीमारी AIDS होती है. एचआईवी कोई हिंदी नाम नहीं है, दोस्तों HIV virus एक मनुष्य में दूसरे मनुष्य तक blood एवं सीमेन के द्वारा इनफ़ेक्शन करता है।

(एच.आई.वी) संक्रमण के बाद की स्थिति है ये होती हैं की उसमे मानव अपने प्राकृतिक प्रतिरक्षण क्षमता खो देता है. एड्स स्वयं कोई बीमारी नही है पर एड्स से पीड़ित मानव शरीर संक्रामक बीमारियों, जो कि जीवाणु और विषाणु आदि से होती हैं, के प्रति अपनी प्राकृतिक प्रतिरोधी शक्ति खो बैठता है क्योंकि एच.आई.वी (वह वायरस जिससे कि एड्स होता है) रक्त में उपस्थित प्रतिरोधी पदार्थ लसीका-कोशो पर आक्रमण करता है.

एड्स पीड़ित के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता के क्रमशः क्षय होने से कोई भी अवसरवादी संक्रमण, यानि आम सर्दी जुकाम से ले कर क्षय रोग जैसे रोग तक सहजता से हो जाते हैं और उनका इलाज करना कठिन हो जाता हैं. एच.आई.वी. संक्रमण को एड्स की स्थिति तक पहुंचने में 2से 10वर्ष या इससे भी अधिक समय लग सकता है.

एड्स के शुरुआती लक्षण

  • हफ्तों तक खांसी का आना।
  • कई-कई हफ्तों तक लगातार बुखार रहना।
  • मुँह में घाव का हो जाना
  • भूख खत्म  हो जाना।
  • सोते समय पसीना का आना।
  • बार-बार दस्त  लगना
  • गले या बगल में सूजन भरी गिल्टियों का हो जाना।

एड्स और एच.आई.वी में अंतर:-

इन दोनों बीमारियों में कुछ अंतर होता हैं जैसे की दोनों के इलाज का समय आदि.एच.आई.वी एक अतिसूक्ष्म विषाणु हैं जिसकी वजह से एड्स हो सकता है. एड्स स्वयं में कोई रोग नहीं है बल्कि एक संलक्षण है. यह मनुष्य की अन्य रोगों से लड़ने की नैसर्गिक प्रतिरोधक क्षमता को घटा देता हैं. प्रतिरोधक क्षमता के क्रमशः क्षय होने से कोई भी अवसरवादी संक्रमण, यानि आम सर्दी जुकाम से ले कर फुफ्फुस प्रदाह, टीबी, क्षय रोग, कर्क रोग जैसे रोग तक सहजता से हो जाते हैं और उनका इलाज करना कठिन हो जाता हैं और मरीज़ की मृत्यु भी हो सकती है.

यही कारण है की एड्स परीक्षण महत्वपूर्ण है। सिर्फ एड्स परीक्षण से ही निश्चित रूप से संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। एड्स एक तरह का संक्रामक यानी की एक से दुसरे को और दुसरे से तीसरे को होने वाली एक गंभीर बीमारी है. एड्स का पूरा नाम ‘एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम’ (acquired immune deficiency syndrome) है और यह एक तरह के विषाणु जिसका नाम HIV (Human immunodeficiency virus) है, से फैलती है. अगर किसी को HIV है तो ये जरुरी नहीं की उसको एड्स भी है. HIV वायरस की वजह से एड्स होता है अगर समय रहते वायरस का इलाज़ कर दिया गया तो एड्स होने खतरा काम हो जाता है.

एच.आई.वी. से सुरक्षा के उपाय

  • असुरक्षित यौन संबंध बनाने से बचें.
  • Shaving करते वक्त used blade से shaving नहीं करना चाहिये, shaving के लिए एक blade को सिर्फ एक ही बार use करे.
  • अगर कोई महिला HIV virus से संक्रमित हैं और गर्भधारण करना चाहती हैं, तो सबसे पहले doctor से संपर्क करें.

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