कंप्यूटर क्या हैं हिंदी में जानकारी – What Is Computer In Hindi

कंप्यूटर क्या हैं हिंदी में जानकारी – What Is Computer In Hindi

आप कम्प्युटर के बारे में जानकारी चाहते है. इसलिए आप हमारे इस aritcal तक  आए है. तो हम भी आपको बिल्कुल निराश नही करेंगे और आपको कम्प्युटर की पूरी जानकारी देंगे.

Computer-related questions: इस article में computer kya hota h ये कैसे  काम करता हैं,कंप्यूटर की परिभाषाएं क्या हैं, computer definition in hindi, कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं, ये सभी बाते हम जानेंगे.

अब आप यहाँ पर सोच रहे होंगे की आखिर हमे तो इन सबके बारे में पता हैं, की कंप्यूटर क्या होता हैं और इस पर क्या काम होता हैं, अब जरा आप ध्यान से अपने दिमाग पर जोर लगा के सोचिये की क्या सच में जानते हैं की कंप्यूटर के भाग में  keyboard kya होता हैं , computer kya hota h (types of computer in hindi ) क्या आप  computer ke baare mein पूरी जनाकारी जानते हैं,कंप्यूटर के कितने भाग होते हैं ये सब आपको पता हैं?

तो जब आपने ये सोच लिया हैं तो आप में से कुछ लोग समझ गये होंगे की कंप्यूटर को जितना आसान वो समझते हैं उतना आसन ये हैं नही.

क्योकि कंप्यूटर के बारे में जितना आप जानते हैं वो एक सीमित ज्ञान हैं.क्योकि कंप्यूटर जितना बड़ा शब्द हैं उतना बड़ा ही इसका ज्ञान हैं. आज जो कंप्यूटर हम यूज़ कर रहे हैं उसके पीछे कई वैज्ञानिको की मेहनत का नतीजा हैं,जिन्होंने हमारे काम को आसान बनाया हैं, और हमारे लिए कंप्यूटर का निर्माण किया हैं.

तो हम इस article में definition of computer  क्या होता हैं इसके साथ-साथ यहाँ ये भी जानेगे की computer के parts या भाग क्या होते हैं.

तो चलिए फिर बिना किसी देर के शुरू करते हैं.

Computer की परीभाषा(computer definition in hindi)

कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी के “Compute” शब्द से बना है, जिसका अर्थ है “गणना”, करना होता है, इसीलिए इसे गणक या संगणक या अभिकलक यंत्र भी कहा जाता है और इसका आविष्कार Calculation(गणना) करने के लिये हुआ था. सीधी भाषा में computer Calculation करने वाली मशीन थी.

कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो user से कुछ डाटा कुछ उपकरणों के जरिये input के रूप में लेता है और एक मतलब रखने वाला (meaningful) डाटा output के रूप में देता है.

लेकिन देखा जाए तो कंप्यूटर की परिभाषा बिल्कुल बदल गयी है हम कंप्यूटर का इस्तेमाल केवल कैलकुलेशन करने के लिए नहीं करते बल्कि हम डाटा प्रोसेसिंग, ईमेल, इन्टरनेट, एंटरटेनमेंट के साथ और भी बहुत सारे कामो के लिए करते है. इसीलिए कंप्यूटर हमारी बहुत बड़ी जरूरत बन गयी है हम आजकल लगभग हर काम में ही कंप्यूटर का उपयोग करते है.

कंप्यूटर की विशेषता ये हैं की Computer केवल वह काम करता है जो हम उसे करने का कहते हैं यानी केवल वह उन Command को फॉलो करता है जो पहले से computer के अंदर  डाले गये होते हैं, क्योकि इंसानों की तरह कंप्यूटर में सोचने समझने की क्षमता नहीं होती है.

computer को जो व्यक्ति चलाता है उसे यूजर कहते हैं, और जो व्यक्ति  Computer के लिये Program बनाता है उसे Programmer कहा जाता है. Computer के एक तरह से काम करने के लिए अलग – अलग computer program बनाये जाते है। आज जितनी भी जगह कंप्यूटर का उपयोग होता है जैसे industrial और customer device के लिये तथा आपके पास उपलब्ध सभी technical device यहां तक कि दुनिया के सभी development व productive work जो की  कंप्यूटर के द्वारा किये जाते है. उनके काम करने के लिये एक खास तरह की programing की जाती है.computer kya hain hindi

Computer की फुल फॉर्म 

सबसे पहले हम बात करते है की कंप्यूटर का full form क्या है, अगर आपको नहीं पता की कंप्यूटर का full नाम क्या है. computer full form in english, computer full form in hindi

  • C = Commonly
  • O= Operated
  • M = Machine
  • P = Particularly
  • U = Used for
  • T = Technical and
  • E = Educational
  • R = Research.

कंप्यूटर एक तरह का electronic मशीन है जो mathematical problems solve कर सकता है, संदेश कही भी भेज सकता है, गेम play कर सकता है, Music play कर सकता है, Video play कर सकता है और इस तरह के बहुत से काम कंप्यूटर बड़े आराम के साथ कर सकता है।

कंप्यूटर का इतिहास

अगर हम आज की किताबो के हिसाब से देखे तो  Computer का इतिहास लगभग 1940 से शुरू हुआ परन्तु अगर आप इसे आज कि hitech machine न समझकर मात्र एक computer machine समझे तो इसका इतिहास लगभग 3000 साल पुराना है. शायद आप मे बहुत लोग इतने पुराने इतिहास को जानने के इच्छुक नही होंगे परन्तु सच्चाई यह है, की जिस computer को आप आज इतने आसान तरह से प्रयोग में ले रहे हैं उसके इतिहास के बारे में थोडा बहुत जानना भी जरूरी होता हैं. तो फिर चलिए देर किस बात की हैं जानते हैं ऐसे कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जो की कंप्यूटर के इतिहास से जुड़े हैं-

computer का विकास शुरू होता हैं जब अबेकस पर काम होना शुरू हुआ था.यह एक मैकेनिकल डिवाइस हैं. अबेकस से जोड़ने, घटने, गुणा करने और भाग देने जैसे कार्य आसानी से किये जाते थे.

1645 में इसी उपकरण को देखते हुये France के एक Mathematician जिनका नाम Blaise paskal था उन्होंने एक Mechanical digital calculator का अविष्कार किया जिसे पास्कलाइन Pascline नाम दिया गया. फिर उसके बाद 1882 में charles babbage ने एक यांत्रिकी calculation machine का आविष्कार किया इस machine का नाम analytical engine रखा गया. ये एक ऐसी machine थी जो powerfull गणनाए करने में सक्षम थी. यह Analytical engine मशीन ही mordern computer का मूल बना. अब अगर आपका सवाल है, Computer का जनक कौन हैं तो हमारा जवाब है Charles Babbage. अपने इसी अविष्कार की वजह से इनको Father of Computer भी कहा गया. सन 1846 में charles babbage द्वारा ही difference engine no.2 बनाया गया जोकि difference engine का ही मॉडिफाइड version था।

इसके काफी बाद सन 1944 में IBM द्वारा Merk नाम का कंप्यूटर बनाया तब कंप्यूटर का आकार (Size) एक कमरे के बराबर हुआ करता था हम आजकल जो कंप्यूटर इस्तेमाल करते है यानी personal computer (PC) जिनकी शुरुआत सन 1975 में हुई थी जब Bill gates और Paul allen ने मिलकर सबसे पहला PC बनाया था। तब से अब तक हमें कंप्यूटर की दुनिया में बहुत सारे बदलाव देखने को मिले है यहाँ तक की हम कंप्यूटर को अपने हाथो में रखकर use करते है जिसे हम smartphone कहते है.

कंप्यूटर के बारे में इतना सब जाने के बाद अब शुरुआत होती है कंप्यूटर के सबसे तेजी से होने ववाले विकास की जिसे हम कंप्यूटर की पीढ़िया कहते हैं. तो चलिए फिर बिना देर किये जानते हैं की कंप्यूटर की कौनसी पीढ़ी में क्या ख़ास था.

Generations Of Computer

First Generation Of Computer1940-1956(vacuum tubes)

प्रथम पीढ़ी की शुरुआत 1946 से हुई जब John Mouchly व Eckent ने प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर एनियक (ENIAC) का विकास किया। इस कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब (Vacuum tubes) का इस्तेमाल किया जाता था। इन Computers को ठंडा करने के लिए कई Air conditioners का प्रयोग होता था। यह size में काफी बड़े होते थे। इनके एक Cubic feet में 1000 Circuit होते थे। प्रथम पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर ENIAC, EDVAC, UNIVAC, IBM इत्यादि।

Second generation of computer  1964 – 1971(transistor)

Second generation के कंप्यूटर में Vacuum tubes के बदले Transistor का प्रयोग होने लगा। इनमे Storage device, printer और operating system का इस्तेमाल होने लगा था. ये छोटे थे,FASTER थे, कम जगह घेरने वालो में से थे.पहले generation  की तुलना में ये कम HEAT जनरेट करते थे.

Third Generation Of computer 1964 – 1971(integrated circuit)

तृतीय पीढ़ी पिछली दोनों पीढ़ियों से ज्यादा बेहतर थी। क्योंकि यहां आई.सी (Integrated circuit) का विकास हुआ। आई.सी (I.C) ने computer के आकार को काफी कम कर दिया.अब कम्प्यूटर बहुत कम गर्म होते थे.  इस पीढ़ी के दौरान उच्चस्तरीय भाषाओ Fortran, Cobol और pascal आदि का उपयोग किया गया। इस पीढ़ी में 1 वर्गफुट में करीब 1 करोड़ सर्किट थे.तृतीय पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर  IBM, Honey Well, PDP, TDC इत्यादि.

Fourth generation of computer 1971 – 1980(microprocessor)

चतुर्थ पीढ़ी जो 1971 से शुरू हुई इन computers ने बहुत बड़े पैमाने पर एकीकृत सर्किट (VLSI) का इस्तेमाल किया. VLSI Circuit में एक ही चिप पर जुड़ी सर्किट के साथ लगभग 5000 transistor और अन्य सर्किट तत्व होते थे. इससे चतुर्थ पीढ़ी में Micro Computer का होना संभव हो सका. इस पीढ़ी के कंप्यूटर पिछली पीढ़ी की तुलना में अधिक powerful, compact, reliable और affordable हो गए. Fourth Generation ने ही हमे पर्सनल कंप्यूटर  (personal computer) दिया. इस पीढ़ी में C, C++, D Base इत्यादी उच्चस्तरीय भाषाओ का उपयोग किया गया.

Fifth Generation 1980 से अभी तक (artificial intelligence)

पंचम पीढ़ी की शुरुवात 1980 से अभी तक जारी है. इस पीढ़ी में VLSI Technology को ULSI ( Ultra large scale integration) में बदल दिया गया है.  इस पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में काफी छोटे हो गये है.इस पीढ़ी में सभी उच्चस्तरीय भाषाओ जैसे C और C++, Java, .Net आदि का उपयोग किया जाता है. पंचम पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर Desktop, Laptop, Notebook, Ultrabook, Chromebook इत्यादि.

कंप्यूटर के प्रकार – Types Of Computer in Hindi

computer का मतलब सिर्फ उसी computer से नहीं है जो आपके घरों में ऑफिस  में आमतौर इस्तेमाल करते  हैं, कार्य पद्धति आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण तीन प्रकार से किया गया है:-

  • एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer)
  • डिज़िटल कम्प्यूटर (Digital Computer)
  • हाइब्रिड कम्प्यूटर (Hybrid Computer)

इन सभी कंप्यूटर की विशेषताएं हम आगे देखते हैं तो जानते हैं की इन सबकी क्या विशेषताएं हैं.

एनालॉग कंप्यूटर क्या है (What is Analog Computer)

इनका प्रयोग भौतिक इकाइयों दाब, तापमान, लंबाई, गति आदि को मापने में किया जाता है, चलिये थोडा और समझते हैं, बात करते हैं मौसम विज्ञान की आपको हवा का दबाब, वातावरण में नमी या बारिश कितनी हुई या आज का सबसे कम या सबसे ज्‍यादा तापमान कितना था इन सब के आंकडें इकठ्ठा करने के लिये एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer) बनाये गये हैं

डिजिटल कंप्यूटर क्या है (What is Digital Computer)

डिज़िटल कम्प्यूटर (Digital Computer) वह कंप्‍यूटर होते हैं जिन्‍हें आप आमतौर पर प्रयोग करते हैं अपने घरों में, कार्यालयों में, जिसमें डिजिटल तरीके से डाटा को फीड किया जाता है और आउटपुट प्राप्त  किया जाता है अधिकतक डिजिटल computer ही प्रयोग में आते हैं और बाजारों में आमतौर पर उपलब्‍ध रहते हैं.

हाइब्रिड कम्प्यूटर क्या है (What is Hybrid Computer)

हाइब्रिड कम्प्यूटर (Hybrid Computer) में एनालॉग कंप्यूटर Analog Computer) और डिज़िटल कम्प्यूटर (Digital Computer) दोनों के ही गुण होते है। ये कंप्‍यूटर एनालाॅग और डिजिटल से अधिक भरोसेमंद माने जाते हैं इनका काम होता है एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer) से प्राप्त आंकडों को डिज़िटल रूप में उपलब्‍ध कराना, चिकित्सा , मौसम विज्ञान में इनका सबसे ज्यादा  प्रयोग होता है.

कंप्यूटर के अंग/ भाग(parts)

इनपुट डिवाइस (Input Device)

इनपुट डिवाइस कोई भी हार्डवेयर डिवाइस (Hardware device) है। इसका काम computer को data भेजना होता है। ऐसे बहुत से इनपुट device हैं जिनके बारे में आपको आगे बताया गया हैं.

  • Keyboard
  • Mouse
  • Touchpad
  • Scanner
  • Joystick
  • Microphone

keybaord

कई बार देखा जाता हैं की कुछ लोगो को keyboard क्या हैं इसके कितने प्रकार हैं ये सब नही पता होता है तो इसमें आपको घबराने की जरूरत नही है क्योकि हमने आपकी इसी समस्या के समाधान के लिए keybaord क्या हैं इसके कितने प्रकार होते हैं पर पूरा एक article अपनी website में दिया हैं. अभी यहाँ पर हम keyboard को संक्षिप्त रूप में समझते हैं.

इनपुट डिवाईस है. Keyboard का हिंदी में मतलब कुंजीपटल होता है. इसकी सहायता से हम कम्प्युटर को निर्देश देते है. Keyboard का  मुख्य उपयोग Text लिखने के लिए किया जाता है.

Mouse

जब हमे कोई वस्तु चुननी होती हैं तो हम अपने हाथो का इस्तेमाल करते हैं अगर यही काम हमे कंप्यूटर में करना पड़े कंप्यूटर में हमे कुछ चुनना पड़े तो हम कैसे करेंगे? इसका जवाब है MOUSE, Mouse एक INPUT DEVICE  है, जिसका वास्तविक नाम POINTING Device है. Mouse का उपयोग मुख्यत:COMPUTER SCREEN पर  को चुनने, उनकी तरफ जाने तथा उन्हे खोलने एवं बदं करने में किया जाता है. Mouse के उपयोग द्वारा युजर कम्प्युटर को निर्देश देता है. इसके द्वारा एक युजर कम्प्युटर स्क्रीन पर कहीं भी पहुँच सकता हैं.

Touchpad

टचपेड कंप्यूटर हार्डवेयर का एक इनपुट डिवाइस / यंत्र है, जिन्हें आप ज्यादातर अपने लैपटॉप और स्मार्टफोन में देखते हो. इन्हें Glide Pad, Glide Point, Pressure Sensitive Tablet और Track pad भी कहा जाता है. लैपटॉप में इन्हें माउस की जगह इस्तेमाल किया जाता है और ये लैपटॉप में कर्सर ( Cursor ) को हिलाने के लिए और चिन्हित करने के लिए इस्तेमाल किये जाते है.

Scanner

Scanner एक मशीन होती है जिसके द्वारा किसी छपी हुई सामग्री और चित्र आदि को degital रूप में बदला जाता है। किसी बस्तु को स्कैन करके बनाई गई स्कैअन कॉपी या सॉफ्ट कॉपी को कंप्यूटर में store  किया जा सकता है, और जिन्हें देखा ओर software application की मदद से संशोधित भी किया जा

Joystick

जॉयस्टिकों का प्रयोग अक्सर video game को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है और आम तौर पर उसमें एक या अधिक दबाए जाने वाले बटन होते हैं, जिनकी स्थिति को computer द्वारा भी पढ़ा जा सकता है। आधुनिक वीडियो गेम कन्सोलों पर इस्तेमाल किए जाने वाले Joystick का एक लोकप्रिय प्रकार एनालॉग छड़ी है।

Microphone

एक नए प्रकार का लेज़र माइक्रोफोन एक ऐसा उपकरण होता है, जो हवा में ध्वनि कंपनों की पहचान करने के लिये एक लेज़र किरणों और धुएं या भाप का प्रयोग करता है। एक Microphone जिसे बोलचाल की भाषा में Mic या Mike  कहा जाता है)

आउटपुट डिवाइस (Output Device)

आउटपुट डिवाइस कोई भी परिधीय (Peripheral) है. जो कंप्यूटर से data को receive करती है, और यूजर के समक्ष प्रदर्शित करने का कार्य करती है.

  • Monitor
  • Printer
  • Speaker
  • Projector

Monitor 

Monitor एक output devices है. इसे  visual display unit भी कहा जाता हैं.मोनिटर कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता हैं.इसके बिना कंप्यूटर अधुरा होता हैं.यह output  को कंप्यूटर स्क्रीन पर सॉफ्ट कॉपी ले रूप में दर्शाता हैं.

Printer

प्रिंटर (Printer) एक ऐसा आउटपुट डिवाइस (Output Device) है जो सॉफ्ट कॉपी (Soft Copy) को हार्ड कॉपी (Hard Copy) में परिवर्तित (Convert) करता हैं.

Speaker

स्पीकर कंप्यूटर हार्डवेयर के बाहरी यंत्रो में से एक है. इनको कंप्यूटर के साथ जोड़ने का उद्देश्य ये है कि आप कंप्यूटर की ऑडियो साउंड को सुन सको.

Projector

Projector एक आउटपुट डिवाइस होता है। यह कंप्यूटर हार्डवेयर का ही एक अंग होता है। जिसका इस्तेमाल सफ़ेद स्क्रीन पर होता है। जिस पर चित्र या किसी तरह के वीडियो को दिखाया जाता है। जैसे movie hall में पिक्चर दिखाई जाती हैं.ठीक वेसे ही ये Projector काम करता हैं.

कंप्यूटर के लाभ /Advantages of Computer in Hindi)

  1.  संचार का सबसे अच्छा – अगर आपके कंप्यूटर में internet की सुविधा उपलब्ध है तो  आप आप अपने दूर बैठे दोस्त, परिवार वालों से कंप्यूटर पर विडियो चैट, मेस्सगिंग, ईमेल के माध्यम से आसानी से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही आप दूसरों के द्वारा प्रकशित किये हुए चीजों को भी देख और सुन सकते हैं। इसलिए इसे संचार का सबसे अच्छा माध्यम माना जाता हैं.
  2.  Education (शिक्षा) – Education के क्षेत्र में कंप्यूटर का बहुत योगदान दिया हैं. शिक्षा के क्षेत्र में जब से कंप्यूटर आया है तब से शिक्षा का स्तर बढ़ गया है| शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर के आ जाने से बहुत सारे students घर बैठे किसी भी चीज की जानकारी आसानी से internet के द्वारा ले सकते हैं| आज के दिन में स्कूल से लेकर के कॉलेज स्टूडेंट तक सभी कोई इन्टरनेट पर लगभग 4 से 5 घंटा बिताते हैं और ढेर सारी जानकारियां घर बैठे हासिल कर लेते हैं|
  3. Hospital (अस्पताल) – अस्पतालों के लिए कंप्यूटर एक चमत्कार है क्योंकि किसी भी प्रकार के रोगी का इलाज कंप्यूटर के द्वारा जल्द से जल्द संभव हो पाता है. आजकल सभी मेडिकल information को digitized कर दिया गया है ताकि किसी भी रोगी का रिकॉर्ड जल्द से जल्द create किया जा सके और साथ ही साथ उस record को हमें सभी जगह पर store करके रखने की जरुरत ना पड़े.इसलिए कंप्यूटर का उपयोग hospital में भी किया जाता हैं.
  4.  Business (व्यवसाय) – आज के दिन में computer का उपयोग व्यवसाय में बढ़ चढ़ के होने लगा है.लगभग सभी प्रकार के business में computer का उपयोग होता है और सभी business में अलग अलग कामो के लिए computer का उपयोग किया जाता है जैसे computerized bill बनाने के लिए, store में रखे गए सामानों के list तैयार करने के लिए इत्यादी|कंप्यूटर और इन्टरनेट के माध्यम से हम अपने business को पूरी दुनिया तक पहुंचा सकते है. कंप्यूटर के द्वारा हम अपने business को cashless बना सकते हैं जिससे ग्राहक online payment कर सकता है. आजकल business को advertise करने के लिए कंप्यूटर और इन्टरनेट का होना बहुत ही जरुरी है क्योंकि कंप्यूटर और इन्टरनेट के द्वारा हम अपने business का पुरे world में विज्ञापन दिखा सकते हैं. Business में तेजी लाने के लिए कंप्यूटर बहुत ही अच्छा साधन बन चूका है.
  5. सरकार(Government) – सरकार के विभिन्न विभाग उनकी नियोजन, नियंत्रण और कानून प्रवर्तन गतिविधियों के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं। कुछ नाम – ट्रैफिक, पर्यटन, सूचना और प्रसारण, शिक्षा, विमानन और कई अन्य.
  6. e-BANKING (ऑनलाइन बैंकिंग) – कंप्यूटर के जरिए से हम पैसे का आदान प्रदान भी कर सकते हैं. यानी बैंकिंग(banking)कीसुविधा भी हम कंप्यूटर से पा सकते हैं वह भी घर बैठे ही.

कंप्यूटर के नुकसान/हानी (Disadvantages Of Computer)

जैसे की हम जानते हैं की हर सीके के दो पहलू होते है एक अगर सही होता है तो दूसरा खराब भी होता हैं फर्क इतना हैं की हम आखिर उस सीके के पहलु को किस तरह से कितना देखते हैं. बिल्कुल वैसे ही अगर कंप्यूटर हमारे काम को आसान कर रहा हैं तो कुछ ऐसे भी काम है जो इसके इस्तेमाल से नुकसान में पहुंचाते रहे हैं. computer के बहुत  से ऐसे नुकसान भी हैं जिनका आपको ज्यादा कुछ पता नही होता हैं तो उन्ही नुक्सान को हम यह explain करेंगे.

आइये शुरू करते हैं जानते हैं Disadvantages Of Computer:-

  • बेरोजगारी
  • आजकल सारे काम कंप्यूटर के द्वारा हो रहे हैं. यह कंप्यूटर के लाभ तो है लेकिन इसके साथ-साथ यह एक तरह से कंप्यूटर की हानि भी है.इससे ज्यादातर लोग बेरोजगार होते जा रहे हैं.  इंसानों का सारा काम मशीनों ने ले लिया है स्वब काम जल्दी करने के चक्कर में सभी काम मशीनों के द्वारा किये जाते हैं. इसे लोगों के रोजगार में दिक्कत आ रही है.
  •  सोशल नेटवर्किंग साइट्स का अत्यधिक इस्तमाल करना – सोशल नेटवर्किंग साइट्स का अत्यधिक इस्तेमाल करना का अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे लोगों का मिलना जुलना कम हो गया है. लोग एक एक दूसरे से मिलना कम चाहते हैं और Facebook, WhatsApp पर चैट करना ज्यादा पसंद करते हैं.ये भी एक computer का नुकसान ही हैं जो हमारे समाज में लोगो के मेलजोल को कम कर देता हैं.
  •  डेटा सुरक्षित नहीं है
  • कई हैकर(hackers)होते हैं जो हमारे कंप्यूटर के डाटा को चुरा लेते है.हमें सावधानी से सब काम करना पड़ता है. जैसे कि नेट बैंकिंग, बिल pay करना आदि कामअगर सावधानी से नहीं करेंगे तो हमें नुकसान उठाना पड़ सकता है.
  • रक्त परिसंचरण सही से ना होना
  • कहा जाते है कंप्यूटर का इस्तेमाल करते समय एक ही पोजीशन में बैठे रहने से खून का सर्कुलेशन अच्छे से नहीं हो पाता है। जिसके कारण लोगों को थकान, पैरों में दर्द, और ब्लड क्लॉट जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
  •  समय की बर्बादी  
  • कंप्यूटर के अविष्कार से समय की बहुत बचत हुई है पर कुछ लोग इसका अनुत्पादक गतिविधियों को करके अपना मूल्यवान  समय बर्बाद करते रहते हैं। लोग पूरा दिन कंप्यूटर के सामने बैठे रहेते हैं और गेम्स खेल कर, विडियो देखकर, या फालतू की चीजें करके अपना समय बर्बाद करते हैं। कंप्यूटर को मनोरंजन के लिए इस्तेमाल करना अच्छी बात है पर दिन भर बैठे रहना ये सही बात नहीं है। इससे बस समय की बर्बादी हो सकती है और कुछ नहीं.

Conclusion

अब तक आपको कंप्यूटर का Conclusion hindi में मिल चूका होगा. मुझे पूर्ण आशा हैं की मेने आपको यहाँ अच्छे से explain कर दिया होगा की computer kya हैं?(what is computer in hindi) और कंप्यूटर के सभी  प्रकार कोनसे हैं इन सबके बारे में आपको समझ में आ गया होगा.

अगर देखा जाए तो कंप्यूटर से मनुष्य को फायदा भी हुआ हैं और नुकसान भी. हमें जितना हो सके कंप्यूटर का कम इस्तेमाल करना चाहिए. कंप्यूटर कुछ सिखने लिए या रचनात्मक अविष्कार करने के लिए है इसे खेलने का यंत्र नही बनाना चाहिए. इसे हमेशा ही खुद को आगे बढ़ाने के रूप में उपयोग करना चाहिए.

उम्मीद हैं की आपको हमारा ये article पसंद आया होगा अगर आपको ये पसंद आया और ये आपके लिए help full रहा है तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करे ताकि इससे वो भी ‘कंप्यूटर क्या हैं’ computer kya hai के बारे में जान सके.

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